बीमारी के कारण और इलाज।
बीमारी की वर्तमान स्थिति -वर्तमान समय में बीमारियों की स्थिति बहुत ही चिंताजनक है। मेडिकल साइंस के लाखों प्रयासों के बाद भी हर साल कोई ना कोई बीमारी आती है। और जहां तक संभव होता है साइंटिस्ट इसका इलाज ढूंढने की व वैक्सीन बनाने की पूरी कोशिश करते हैं कुछ बीमारियां असंक्रमित होती हैं तथा कुछ संक्रमित होती है संक्रमित बीमारियां ज्यादा घातक है जबकि असंक्रमित बीमारियां कहीं तक राहत जनक है। डॉक्टरों के बहुत ज्यादा प्रयास के बाद भी कुछ बीमारियां ऐसी हैं जिनकी अभी तक वैक्सीनिया दवा नहीं बन सकी है। वर्तमान समय में मेडिकल साइंस में बहुत तरक्की कर ली है जिसके बावजूद बहुत सी बीमारियां ऐसी हैं जिन का इलाज मेडिकल साइंस के पास भी नहीं है।
इन बीमारियों के इलाज के लिए लोगों ने खुद को कई स्तर तक सुधार लिया है। वी खुद भी घरेलू उपचार की सहायता से कथा मेडिकल साइंस की सहायता से बीमारियों का इलाज खोजने का प्रयास करते हैं तथा कुछ मेडिकल संस्थाएं भी इस कार्य के लिए बहुत प्रयास कर रही है।
कुछ बीमारियां ऐसी हैं जिनका इलाज ना तो मेडिकल साइंस और नाही इन संस्थाओं के पास है कभी-कभी डॉक्टर्स भी लास्ट में कह देते हैं कि अब तो आपके पेशेंट को भगवान ही बचा सकता है।
आइए इस कथन का विश्लेषण करते हैं।
इसका निष्कर्ष यह निकलता है कि जब मेडिकल साइंस फेल हो जाती है तब कहा जाता है कि भगवान बचा सकता है भगवान तो पहले भी बचा सकता था लेकिन हमने उस तरफ ध्यान ही नहीं दिया।
वर्तमान समय मैं देखा जा रहा है कि संत रामपाल जी महाराज जी के द्वारा प्रधान की जा रही भक्ति विधि से उनके लाखों शिष्यों को कैंसर व एड्स जैसी लाइलाज बीमारी से भी निजात मिल चुकी है। जो व्यक्ति इनकी मर्यादा में रहकर सत भक्ति करते हैं उनकी कई बीमारियां केवल भक्ति करने से ही समाप्त हो जाती हैं चाहे वह कोई भी बीमारी हो उनकी भक्ति करने से एड्रेस कैंसर जैसी घातक बीमारियां भी ठीक हो जाती है।
अधिक जानकारी के लिए सत्संग सुनें साधना टीवी पर शाम 7:30 बजे से।
www.jagatgururampalji.org
इन बीमारियों के इलाज के लिए लोगों ने खुद को कई स्तर तक सुधार लिया है। वी खुद भी घरेलू उपचार की सहायता से कथा मेडिकल साइंस की सहायता से बीमारियों का इलाज खोजने का प्रयास करते हैं तथा कुछ मेडिकल संस्थाएं भी इस कार्य के लिए बहुत प्रयास कर रही है।
कुछ बीमारियां ऐसी हैं जिनका इलाज ना तो मेडिकल साइंस और नाही इन संस्थाओं के पास है कभी-कभी डॉक्टर्स भी लास्ट में कह देते हैं कि अब तो आपके पेशेंट को भगवान ही बचा सकता है।
आइए इस कथन का विश्लेषण करते हैं।
इसका निष्कर्ष यह निकलता है कि जब मेडिकल साइंस फेल हो जाती है तब कहा जाता है कि भगवान बचा सकता है भगवान तो पहले भी बचा सकता था लेकिन हमने उस तरफ ध्यान ही नहीं दिया।
वर्तमान समय मैं देखा जा रहा है कि संत रामपाल जी महाराज जी के द्वारा प्रधान की जा रही भक्ति विधि से उनके लाखों शिष्यों को कैंसर व एड्स जैसी लाइलाज बीमारी से भी निजात मिल चुकी है। जो व्यक्ति इनकी मर्यादा में रहकर सत भक्ति करते हैं उनकी कई बीमारियां केवल भक्ति करने से ही समाप्त हो जाती हैं चाहे वह कोई भी बीमारी हो उनकी भक्ति करने से एड्रेस कैंसर जैसी घातक बीमारियां भी ठीक हो जाती है।
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