तप करने से क्या लाभ है?

तपस्या से क्या लाभ होता है, आओ जानें :- 


गरीब, तप से राज, राज मध्य मानम्। 
जन्म तीसरे शुकर श्वानम्।।
भावार्थ :- तप से राज्य की प्राप्ति होती है यानि राजा बनता है। राजा में अहंकार
अधिक होता है। अहंकार के कारण अनेकों पाप कर डालता है। फिर अगले जन्म में शुकर
(सूअर) तथा श्वान (कुत्ता) बनता है। पहला मनुष्य जीवन शास्त्रा विरूद्ध साधना (तप) करके
नष्ट किया। दूसरा जीवन राज करके खो दिया। 

शास्त्रों में प्रमाण है :-
‘‘तपेश्वरी सो राजेश्वरी, राजेश्वरी सो नरकेश्वरी’’
भावार्थ :- जितना अधिक समय तक तप करेगा, वह (‘तपेश्वर’ यानि तपस्वियों में
श्रेष्ठ माना जाता है) उतना ही अधिक समय तक राज्य करेगा। (राजेश्वरी का अर्थ है
राजाओं में श्रेष्ठ है यानि लम्बे समय तक तथा विशाल साम्राज्य पर राज्य करेगा) जो जितने
अधिक समय तक तथा विशाल क्षेत्रा पर राज्य करेगा, वह उतने अधिक पाप का भागी होगा।

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